28

DIGNITY, DEBT & DESTINY

बछसेय खान मज कूर
दुय मे रुखसत म्यान भाई जानो
बछसेय खान मज कूर
दुय मे रुखसत म्यान भाई जानो
बछसेय खान मज कूर

उंगली पकड़ के तूने, चलना सिखाया था ना
देहलीज़ ऊँची है ये, पार करा दे

Write a comment ...

ᴀᴋꜱʜᴜᴠɪᴋᴀ

Show your support

.

Write a comment ...

ᴀᴋꜱʜᴜᴠɪᴋᴀ

Every story I write is a heartbeat you can hear ✨